खोला किवाड़ खाली मिला द्वार इधर उधर देखा कई बार देखा सभी ओर खोला किवाड़ खाली मिला द्वार इधर उधर देखा कई बार देखा सभी ओर
पिया मिलन की ऋतु में , यह रूह मिलन को तरस रही। पिया मिलन की ऋतु में , यह रूह मिलन को तरस रही।
जीवन अपना वो भी अपनो से बेरुखा करके जाते है। जीवन अपना वो भी अपनो से बेरुखा करके जाते है।
घोंट देती हैं अपनी बेटियों के ख्वाहिशों का गला बड़ी बेदर्दी से। घोंट देती हैं अपनी बेटियों के ख्वाहिशों का गला बड़ी बेदर्दी से।
देवी के मनाइब बनी हम नचनिया ये बालम। देवी के मनाइब बनी हम नचनिया ये बालम।
एक बेदर्दी बेवफा हसीना ने, हमारा दिल तोड़ दिया। एक बेदर्दी बेवफा हसीना ने, हमारा दिल तोड़ दिया।